मीसाबंदियों को मुख़्यमंत्री शिवराज की बड़ी सौगात, पेंशन राशि बढ़ाई
CM Shivraj Singh Chouhan said that those who got Rs. They get Samman Nidhi, they will now get Rs 8,000. The fund given to the families of deceased soldiers has been increased from Rs.8 thousand to Rs.10 thousand. Will. The remaining people of Misabandi will be honored by giving them a copper plate on 15th August.
मीसाबंदियों को मुख़्यमंत्री शिवराज की बड़ी सौगात, पेंशन राशि बढ़ाई
सीएम शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि जिनको 5 हजार रु. सम्मान निधि मिलती है, उन्हें अब 8 हजार रुपए मिलेंगे। दिवंगत सेनानियों के परिवार को दी जाने वाली निधि 8 हजार से बढ़कर 10 हजार रु. की जाएगी। मीसाबंदी के जो शेष लोग हैं, उन्हें 15 अगस्त को ताम्रपत्र देकर सम्मानित किया जाएगा।
भोपाल। आगामी चुनाव से पहले मध्य प्रदेश की सीएम शिवराज सिंह चौहान ने मीसाबंदियों को बड़ा तोहफा दिया है। सीएम ने मीसाबंदियों की पेंशन में वृद्धि का ऐलान किया है। सीएम ने मीसा बंदियों की पेंशन 25 हजार से बढ़ाकर 30 हजार रु. प्रतिमाह कर दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मध्यप्रदेश दौरे से एक दिन पहले सीएम की इस घोषणा के कई सियासी मायने निकाले जा रहे है।
सम्मान निधि में 5000 की वृद्धि
आज राजधानी भोपाल में CM हाउस में सोमवार को लोकतंत्र सेनानी सम्मेलन में सीएम शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि जिनको 5 हजार रु. सम्मान निधि मिलती है, उन्हें अब 8 हजार रुपए मिलेंगे। दिवंगत सेनानियों के परिवार को दी जाने वाली निधि 8 हजार से बढ़कर 10 हजार रु. की जाएगी। मीसाबंदी के जो शेष लोग हैं, उन्हें 15 अगस्त को ताम्रपत्र देकर सम्मानित किया जाएगा।आगे सीएम ने कहा कि नई दिल्ली के मप्र भवन में इनके लिए स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की तरह रुकने की व्यवस्था होगी। जिलों में विश्राम गृह में 2 दिन तक 50% शुल्क के साथ रुकने की व्यवस्था होगी। कोई बीमारी हुई तो संपूर्ण इलाज मध्यप्रदेश सरकार कराएगी। मुख्यमंत्री ने लोकतंत्र सेनानियों के परिचय पत्र एक बार और चर्चा कर फाइनल करने के लिए कहा है।
विपक्ष पर जमकर साधा निशान
उन्होंने कहा कि मैं भी एक स्वतंत्रता सेनानी हूं।जब कोई सत्ता के मद में चूर होता है तो सब भूल जाते है। कांग्रेस पर हमला करते हुए शिवराज ने कहा कि आपातकाल में अपने आप को बनाकर रखने के लिए संविधान का गला घोंट दिया गया। यह सब अंग्रेजों और मुगलों की तरह ही किया गया। एक परिवार को सत्ता में बने रहना था। जब इंदिरा जी को लगा कि फैसला उनके खिलाफ आया है तो उन्होंने लोकतंत्र को कुचल कर रख दिया। मीसाबंदी लगातार हिम्मत जुटाकर लड़ाई में जुटे रहे, उन पर लट्ठ पड़ते रहे।
मुख्यमंत्री निवास, भोपाल में आयोजित लोकतंत्र सेनानियों का कार्यक्रमhttps://t.co/YeeOowvnzg
— Jansampark MP (@JansamparkMP) June 26, 2023



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