संकट लोकतंत्र पर नहीं राहुल और गांधी परिवार पर है कांग्रेस राज में 100 से ज्यादा बार संविधान में संशोधन हुआ - शेषराव यादव

The crisis is not on democracy but on Rahul and Gandhi family. The constitution was amended more than 100 times during Congress rule - Sheshrao Yadav

संकट लोकतंत्र पर नहीं राहुल और गांधी परिवार पर है कांग्रेस राज में 100 से ज्यादा बार संविधान में संशोधन हुआ - शेषराव यादव
रिपोर्ट। एडिटर। दीपक कोल्हे

भारतीय जनता पार्टी जिला कार्यालय में आपातकाल की 50वीं बरसी पर मीसाबंदियों का किया गया सम्मान

  • संकट लोकतंत्र पर नहीं राहुल और गांधी परिवार पर है कांग्रेस राज में 100 से ज्यादा बार संविधान में संशोधन हुआ - शेषराव यादव
  • संविधान की हत्या कांग्रेस राज में इमरजेंसी लगाकर की गई आपातकाल में न कोई अपील चलती थी न कोई दलील - श्री ईश्वरी प्रसाद चौरसिया

छिंदवाड़ा । लोकतंत्र के सेनानियों का सम्मान कार्यक्रम भाजपा जिलाध्यक्ष शेषराव यादव, पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष रमेश पोफली के नेतृत्व में एवं लोकतंत्र के प्रहरी विजय पांडे की अगुआई में आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम के अंतर्गत जिला मुख्यालय सहित तहसील कार्यालयों में मीसाबंदियों का सम्मान किया गया। भारतीय जनता पार्टी जिला कार्यालय में मंगलवार को आपातकाल की 50 वीं बरसी पर मीसाबंदियों को सम्मानित करते हुए भाजपा जिलाध्यक्ष श्री शेषराव यादव ने कहा कि कांग्रेस और इंडी गठबंधन के नेता पिछले कल संसद में संविधान की प्रति हाथ में लेकर पहुंचे थे। लोकसभा चुनाव के दौरान संविधान और लोकतंत्र को बचाने का कांग्रेस और इंडी गठबंधन ने झूठा प्रचार-प्रसार किया। हकीकत में कांग्रेस राज में 100 से ज्यादा बार संविधान में संशोधन किया गया। जब 1975 में आज के दिन रात को 2 बजे तत्कालीन प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गांधी ने इमरजेंसी लगाई थी उस समय सोनिया गांधी बहू के नाते वहां पर मौजूद थी। तब सोनिया गांधी ने संविधान बचाने की बात नहीं की,लेकिन पिछले कल जब संसद भवन पहुंचीं तो उनके हाथ में संविधान की प्रति थी। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व संविधान को कोई खतरा नहीं है। झूठा प्रचार-प्रसार जो कांग्रेस और उसके सहयोग दल कर रहे हैं हमें उसका सच बताना होगा। कार्यक्रम को लोकतंत्र प्रहरी श्री विजय पांडे एवं लोकतंत्र सेनानी (मीसाबंदी) श्री रमेश पोफली एवं श्री ईश्वरी प्रसाद चौरसिया ने भी संबोधित किया।


मोदी जी ने देश के बेटों को चुना, इंडी गठबंधन ने अपनों को चुना
श्री शेषराव यादव ने कहा कि राहुल गांधी झूठ की मशीन है। संकट संविधान और लोकतंत्र पर नहीं है,बल्कि राहुल और गांधी परिवार के साथ-साथ अपने परिवार को स्थापित करने वाले इंडी गठबंधन पर है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने हमेशा देश के बेटों को स्थापित करने के लिए चुना और कांग्रेस -इंडी गठबंधन ने अपनों को स्थापित करने के लिए एक-दूसरे को चुना है। पिछले तीन लोकसभा चुनाव में कांग्रेस ने अपने शासनकाल में किए गए विकास कार्यों का जिक्र नहीं किया सिर्फ आरक्षण,संविधान और लोकतंत्र खतरे में है इसको लेकर झूठा-प्रचार किया। तमिलनाडु में कांग्रेस की सरकार में 50 से ज्यादा लोगों की जहरीली शराब पीने से अकाल मौत हो गई,लेकिन एक भी इंडी गठबंधन का कोई नेता कुछ नहीं बोला। जिन राज्यों में भाजपा की सरकार है वहां कुछ होता है तो संविधान और लोकतंत्र को खतरा बताने लगते हैं। हम बाबा साहेब डॉ. अंबेडकर के अनुयायी हैं हमारे शासन में संविधान को कोई खतरा नहीं हो सकता है।

आपातकाल में न कोई अपील चलती थी न कोई दलील
लोकतंत्र सेनानी (मीसाबंदी) श्री ईश्वरी प्रसाद चौरसिया ने कहा कि संविधान की हत्या कांग्रेस ने कर इमरजेंसी लगाई थी। उस समय न कोई अपील चलती थी न कोई दलील। आपातकाल के दौरान भोपाल समेत प्रदेश भर के लोगों को जबरन जेलों में डाला गया और चौथे स्तंभ पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया। कोई खबर बिना कलेक्टर या अन्य अधिकारी के देखे बगैर नहीं प्रकाशित हो सकती थी। कार्यक्रम में प्रमुख रूप से भाजपा जिलाध्यक्ष डॉ. शेषराव यादव, कार्यक्रम प्रभारी विजय पांडे, पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष रमेश पोफली, ठाकुर दौलत सिंह, मीसाबंदी दीनदयाल मोहने, ईश्वरी चौरसिया, मधुकर पोफली, अशोक पोफली, गोलू आठले, विलास नरोटे, मोहन रो़ड़े, श्रीमती संगीता रोड़े, श्रीमती सोनी जी, राजेन्द्र राय, भाजपा मंडल रोहित पोफली, अंकुर शुक्ला, जिला कार्यालय मंत्री अलकेश लाम्बा, महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष श्रीमती गरिमा दामोदर, जिला मीडिया सहप्रभारी विक्रम सोनी, जिला आईटी संयोजक दीपक कोल्हे, अर्पण मैद, अरूण गद्रे, भरत घई, पार्षद राहुल उइके, रंग्गू यादव, प्रमोद शर्मा, ओम चौरसिया, राजकुमार बघेल, शिखर पांडे, आशीष राय, गोलू ठाकरे, गणेश प्रजापति, नितिन गोहर, पप्पू राय, पिंटू घारसे, बापू गायकवाड़, तेजा सरेठा, शैलेन्द्र यादव, मनीष गुप्ता सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे ।