अब RSS के कार्यक्रम में शामिल हो सकेंगे केंद्रीय कर्मचारी, सरकार ने 58 साल से लगा प्रतिबंध हटाया
Now central employees will be able to participate in RSS programs, the government has removed the ban imposed for 58 years
अब RSS के कार्यक्रम में शामिल हो सकेंगे केंद्रीय कर्मचारी, सरकार ने 58 साल से लगा प्रतिबंध हटाया
केंद्र सरकार ने आदेश जारी किया है कि सरकारी कर्मचारी RSS की गतिविधियों में शामिल हो सकते हैं। बता दें कि इससे पहले RSS की गतिविधियों में शामिल होने पर कर्मचारियों को कड़ी सजा देने तक का प्रावधान था।
अब केंद्रीय कर्मचारी भी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्यक्रम में हिस्सा ले सकते हैं। केंद्रीय कर्मचारियों पर लगी पाबंदी की RSS के कार्यक्रमों में हिस्सा नहीं बन सकते, अब हट गई है। आरएसएस के शताब्दी वर्ष में केंद्र सरकार द्वारा यह तोहफा माना जा रहा है। केंद्र सरकार के अधिनिष्ठ कर्मचारी जो संघ के स्वयंसेवक के कार्यक्रमों में शामिल होना चाहते थे, पाबंदियों की वजह से उसमें शामिल नहीं हो सकते थे। इन पाबंदियों को हटाने की वजह से निश्चित तौर पर उनके अंदर एक खुशी का माहौल है, अब उसे पर लगी पाबंदी हटा ली गई है।
क्या है सरकार का आदेश ?
9 जुलाई 2024 को केंद्र सरकार ने आदेश जारी किया है कि सरकारी कर्मचारी RSS की गतिविधियों में शामिल हो सकते हैं। यह आदेश गवर्नमेंट इंडिया मिनिस्ट्री आफ पर्सनल, पब्लिक ग्रीवांसेज एंड पेंशन डिपार्टमेंट ऑफ़ पर्सनल एंड ट्रेंनिंग डिपार्मेंट की तरफ से जारी किया गया है। आदेश पर डेप्युटी सेक्रेट्री गवर्नमेंट आफ इंडिया की हस्ताक्षर हैं।
संघ क्या है ?
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, जिसे भाजपा की मातृ-संस्था भी कहा जाता है. संघ परिवार, एक ऐसा बरगद, जिसके छाँव तले कई संगठन, कई संस्थान हैं. वे महिलाओं से लेकर विद्यार्थियों और कामगारों तक में फैले हैं.
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (Rashtriya Swayamsevak Sangh) एक भारतीय हिंदू राष्ट्रवादी संगठन है (Indian Hindu Nationalist Organisation). आरएसएस संघ परिवार के तमाम संगठनों का एक बड़ा निकाय होने के साथ उनकी अगुवाई करता है. इसकी भारतीय समाज के तमाम हिस्सों और पहलुओं में उपस्थिति है. आरएसएस की स्थापना 27 सितंबर 1925 को हुई थी. 2014 तक, इसके लगभग 50-60 लाख सदस्य थे
इसका शुरुआती उद्देश्य हिंदू अनुशासन के माध्यम से चरित्र प्रशिक्षण प्रदान करना और हिंदू राष्ट्र बनाने के लिए हिंदू समुदाय को एकजुट करना था. यह संगठन भारतीय संस्कृति और एक नागरिक समाज के मूल्यों को बनाए रखने के आदर्शों को बढ़ावा देता है और हिंदू समुदाय को "मजबूत" करने के लिए हिंदुत्व की विचारधारा का प्रसार करता है. आरएसएस पिछले आठ दशकों में एक प्रमुख हिंदू राष्ट्रवादी संगठन के रूप में विकसित हुआ, जिसने खुद से जुड़े कई अन्य संगठनों को जन्म दिया. आरएसएस और इससे जुड़े तमाम संगठनों ने अपने वैचारिक विश्वासों को फैलाने के लिए कई स्कूलों, धर्मार्थ संस्थाओं और क्लबों की स्थापना की है।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख को सरसंघचालक कहा जाता है. मोहन भागवत इसके मौजूदा सरसंघचालक हैं. इसके बाद सरकार्यवाह का स्थान आता है, जो महासचिव, कार्यकारी प्रमुख के समकक्ष होता है. इसे अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा के निर्वाचित सदस्यों द्वारा निर्वाचित किया जाता है. सह-सरकार्यवाह का पद संयुक्त महासचिव के रूप में है. आरएसएस के कई नेता संगठन के लिए विचारक के रूप में काम करते हैं. सक्रिय, पूर्णकालिक मिशनरी जो आरएसएस के सिद्धांत का प्रसार करते हैं, उन्हें प्रचारक कहते हैं. RSS में लगभग 2500 प्रचारक हैं. कार्यकर्ता बनने के लिए स्वयंसेवक सदस्यों को संघ शिक्षा वर्ग के शिविरों में चार स्तरों के वैचारिक और शारीरिक प्रशिक्षण से गुजरना पड़ता है. आरएसएस की शाखाओं में नियमित तौर पर भाग लेने वालों को स्वयंसेवक कहा जाता है।
आरएसएस को ब्रिटिश शासन के दौरान एक बार प्रतिबंधित किया गया था. भारत की आजादी के बाद, इसे सरकार ने तीन बार प्रतिबंधित किया।



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