कमल नाथ ने दी फूलसिंह बरैया को नसीहत, इस तरह की बातें नहीं करनी चाहिए, हम इस लेवल तक नहीं आ सकते

Kamal Nath gave advice to Phoolsingh Baraiya, should not talk like this, we cannot come to this level

कमल नाथ ने दी फूलसिंह बरैया को नसीहत, इस तरह की बातें नहीं करनी चाहिए, हम इस लेवल तक नहीं आ सकते
रिपोर्ट। एडिटर। दीपक कोल्हे

कमल नाथ ने दी फूलसिंह बरैया को नसीहत, इस तरह की बातें नहीं करनी चाहिए, हम इस लेवल तक नहीं आ सकते

 

भोपाल। अशोभनीय भाषा का प्रयोग करने वाले कांग्रेस नेता फूलसिंह बरैया अलग थलग पड़ गए हैं, पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने बरैया के बयानों की निंदा की थी अब प्रदेश अध्यक्ष कमल नाथ ने भी बरैया के बयानों को गलत बताया है उन्होंने कहा कि वे बरैया के बयानों से सहमत नहीं हैं, हम इस लेवल तक नहीं आ सकते।

मप्र में इस साल के अंत में विधानसभा चुनाव होने हैं, ग्वालियर चम्बल संभाग की 34 सीटों पर भी भाजपा और कांग्रेस दोनों की नजर है, दोनों पार्टियाँ यहाँ एक दूसरे का सफाया करने के दावे कर रहे हैं लेकिन इस दौरान नेता भाषण देते समय जोश में कुछ ऐसा कह जाते हैं जिससे उनकी ही पार्टी की किरकिरी हो जाती है।

ताजा मामला कांग्रेस का है, पूर्व नेता प्रतिपक्ष और ग्वालियर चम्बल संभाग चुनाव प्रभारी अजय सिंह पिछले दिनों ग्वालियर अंचल के दौरे पर थे, वे जब दतिया जिले की भांडेर विधानसभा में पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ कार्यक्रम में थे तो वहां मंच पर मौजूद कांग्रेस के वरिष्ठ नेता फूल सिंह बरैया ने अधिकारियों के लिए अपशब्द कहे उन्होंने कहा कि हमारी सरकार आने पर उल्टा लटका दूंगा, बरैया ने गृह मंत्री डॉ नरोत्तम मिश्रा के लिए भी अमर्यादित टिप्पणी करते हुए अपशब्द कहे।

अजय सिंह जब अगले दिन ग्वालियर आये तो मीडिया में उनसे फूलसिंह बरैया की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया पूछी तो उन्होंने इसकी निंदा की उन्होंने कहा कि मैंने बरैया जी से कहा कि आपको किसी पर टिप्पणी नहीं करनी चाहिए, आज प्रदेश अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ ने भी बरैया की टिप्पणी को गलत बताया।

मीडिया ने जब कमल नाथ से फूलसिंह बरैया द्वारा अधिकारियों के लिए की गई टिप्पणी “उल्टा लटका देंगे” पर प्रतिक्रिया  चाही तो उन्होंने कहा कि वे जोश में बोल गए होंगे, उनके भावना ऐसी नहीं होगी। कमल नाथ ने कहा कि मैं कभी ऐसी बात नहीं करता, मैं उनसे सहमत नहीं हूँ, उन्हें इस तरह के भाषण नहीं देना चाहिए, हम इस लेवल तक नहीं जा सकते।

बहरहाल चुनावी साल में मप्र में आरोप प्रत्यारोप का दौर जारी हैं जो अब पोस्टर वार से अपशब्दों में बदल गया हैं, कांग्रेस और भाजपा दोनों अपनी अपनी सरकार बनाने के दावे कर रही हैं लेकिन इस तरह के अपशब्द, अमर्यादित टिप्पणी चुनावों में क्या कोई प्रभाव छोड़ेगी ये समय ही बताएगा।