छिंदवाड़ा में कोई बचा नहीं जिसको कमलनाथ ने ठगा नहीं - विवेक बंटी साहू

Betrayed the youth of Chhindwara in the name of engineering college

छिंदवाड़ा में कोई बचा नहीं जिसको कमलनाथ ने ठगा नहीं - विवेक बंटी साहू
रिपोर्ट। एडिटर। दीपक कोल्हे

छिंदवाड़ा में कोई बचा नहीं जिसको कमलनाथ ने ठगा नहीं - विवेक बंटी साहू
 

  • छिंदवाड़ा के युवाओं से  इंजीनियरिंग कॉलेज के नाम पर किया विश्वासघात

छिंदवाड़ा। छिंदवाड़ा की राजनीती में आरोप प्रत्यारोप लगना अब आम हो चूका है वही भाजपा के जिला अध्यक्ष विवेक बंटी साहू ने छिंदवाड़ा के विधायक पूर्व मुख्यमंत्री रहे कमलनाथ पर आरोप लगाते हुए कहा की कमलनाथ भावनाओं का नाटक करते हुए जहां-तहां मेरा छिंदवाड़ा का राग अलाप रहे है   लेकिन जब इसकी असलियत खुलती है तो पता चलता है कि सारी भावनाएं और जज्बात बेकार हैं ये तो ठगी का खुला खेल है जो छिंदवाड़ा मे पिछले 40 सालों से खेला जा रहा है। जिले की भोली-भाली जनता ने जिन पर विश्वास किया उन कमलनाथ ने छिंदवाड़ा के लोगों के साथ हर स्तर पर विश्वासघात किया है। इसका एक बड़ा उदाहरण इंजीनियरिंग कॉलेज खोलने का सपना है जिसे दिखा कर कमलनाथ और उनके लोगों ने करोड़ों कमा लिए और किसी को भनक तक नहीं लगी।

अब इस पूरे मामले का राज़ खोला है भाजपा ने , जिला भाजपा अध्यक्ष विवेक बंटी साहू का कहना है कि इंजीनियरिंग कॉलेज खोलने के नाम पर पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने छिंदवाड़ा के युवाओं को छला है। जिन युवाओं की दुहाई दे देकर वे भाषण देते हैं असल में उनके साथ सबसे बड़ी ठगी वही कर रहे हैं।

श्री साहू का कहना है की ताजा उदाहरण जे.पी इंजीनियरिंग कॉलेज का है। ऐसा सपना जो आज तक सच नहीं हो पाया। 23 मार्च 2014 को छिंदवाड़ा जिले के नेर गांव में तत्कालीन सांसद और केंद्रीय मंत्री कमलनाथ ने बड़ी-बड़ी बातें करते हुए इंजीनियरिंग कॉलेज की आधारशिला रखी थी। छिंदवाड़ा के युवाओं को इंजीनियर बनने का सपना दिखाया। एक उम्मीद जागी कि उच्च शिक्षा के क्षेत्र में यहां के युवा भी आगे बढ़ेंगे और छिंदवाड़ा का एक स्थान बनेगा। छिंदवाड़ा की जनता इस बात को समझ पाती लेकिन उससे पहले ही शुरू हो गया यहां के किसानों से ओने-पौने दामों में जमीन खरीदने का खेल जिसमें स्थानीय कांग्रेस नेताओं ने किसानों को झूठे आश्वासन दिए ।धोखे से किसानों से जमीन ले ली।

भाजपा ने यहाँ भी आरोप लगाते हुए कहा की  इंजीनियरिंग कॉलेज के नाम पर नेर गांव में 52 एकड़ जमीन ले ली गई और काम सिर्फ दो एकड़ जमीन पर हुआ लोगों को दिखाने के लिए आधी अधूरी इमारते बना दी गई और काम बंद कर दिया गया। जिन जमीनों के दाम लाखों में थे पिछले 10 सालों में उनके दाम करोड़ों में हो गए। नेर गांव के भोले भाले किसानों को पता ही नहीं चला कि कांग्रेस नेताओं ने उन्हे बुरी तरह धोखा दिया है। आज नेर गांव का किसान गरीब है और दलाली खाने वाले कांग्रेस के नेता करोड़पति हो गए हैं। दरअसल कमलनाथ के विकास की यही हकीकत है और यही तरीका है। जो छिंदवाड़ा में कई सालों से चल रहा है लेकिन अब छिंदवाड़ा जाग चुका है और यहां की जनता भी इनकी चालें समझने लगी है। यहाँ तो भाजपा के जिला अध्यक्ष ने कांग्रेस पर आरोप लगाया हे अब देखना है की इन सभी आरोपों में कांग्रेस की और से क्या प्रतिक्रिया आती है